Sunday, 5 July 2020

जब भी पुलिस के पास जाता हूँ वह बहाना बना देती है!


मै संजय साव हूँ मेरी उम्र 35 वर्ष है  मेरे पिता दासो साव है मै ग्राम – बिघा, पोस्ट – फुलवरिया, थाना – नवलशाही, जिला – कोडरमा का मूल निवासी हूँ 
मेरी घटना यह है की मेरा गोतिया कैलाश साव पिता छोटी साव जिससे छ: महीने पहले जमीन जिसका खाता सं० (79) प्लाट सं० (113) है  जो खतियान में मेरे दादा स्व० बलकरण नायक के नाम से दर्ज है  जिसमे मेरा और मेरे गोतिया का बराबर का हिस्सा है  जब मेरा गोतिया उस जमीन पर घर बनाने लगा तो हम उस जमीन पर बटवारे का फैसला बैठाये, कैलाश साव जमीन का बटवारा बराबर के हिस्से में नही देना चाह रहा था  वह जमीन का पिछला हिस्सा मुझे दे  रहा था  मैंने गोतिया से कहा की आगे से पीछे बराबर का हिस्सा हमे दीजिये इस पर वह तैयार नही हुआ तो हमे कानून का सहारा लेना पड़ा  उस जमीन पर 144 की धारा लगी थी फिर भी वो लोग जबरन उस जमीन पर घर बनवाने लगे | 25 मई 2018 को मेरे पिताजी जब उन लोगो से मना करने गये की बटवारा होने के बाद घर बनवाना तो कैलाश, छोटी साव, सुशांत साव और पत्नी पिंकी देवी जो मेरे पिताजी को डंडे से बुरी तरह मानने लगे जब वो चिल्लाने लगे उनकी आवाज सुनकर मेरी बहन सरिता देवी जो ससुराल में परेशानी रहने के कारण यही रहती है | वो दौडकर उन्हें बचाने आयी उन सभी ने मिलकर मेरी बहन की भी जमकर पिटाई की उसका एक हाथ तोड़ दिया जब यह घटना घटी हम लोग वहा नही थे | यह सारी बाते मेरी माँ ने मुझे फ़ोन पर बतायी यह सुनकर मै जल्दी वहा गया तो मेरे पिताजी बेहोश पड़े थे मेरी बहन उनका हाथ पकड़कर रो रही थी यह देखकर मै घबरा गया की कही मेरे पिताजी को कुछ हो तो नही गया हमे उस समय बहुत तेज गुस्सा भी आ रहा था |
मै उस समय अपने को सम्भालते हुए जैसे उनको उठाने के लिए झुका वह लोग मुझे पकड़कर बारी – बारी डंडे से मारने लगे मेरे सिर पर कैलाश साव ने पीछे से धारदार हथियार से वॉर किया जिससे मेरा माथा दो जगह फट गया उस समय मेरी आँखों के सामने अँधेरा छा गया और मै बेहोस हो गया | मुझे कुछ देर बाद जब होस आया तो मेरे चारो ओर खून फैला हुआ था उस समय सभी खड़े हो कर तमाशा देख रहे थे हिम्मत कर किसी तरह मै पिता को लेकर खून
 से लतफथ नवलशाही थाने गये पुलिस को घटना की सारी जानकारी दी गयी वहा से पुलिस ने मेडिकल के लिए फुलवरिया उप स्वास्थ्य केंद्र के लिए एक चौकीदार हमे ले कर गया वह डॉक्टर नही मिला फिर हमे डोमचाच के अस्पताल में ले जाया गया वहा पर डॉक्टर पी मिश्रा बोले की यह का इन्जोरी नही कटा है इसलिए हम इलाज नही करेगे हम लोग खून से लतफथ दर्द से कराह रहे थे | 
उस समय हमे बहुत तकलीफ हुई की मै अपने बाप का इलाज भी नही करा पा रहा हूँ | जब डॉक्टर और पुलिस में बात हुआ तब हमारा इलाज हुआ |वहा से इलाज के बाद हमे फुलवरिया ले जाया गया वहा न के सफाई कर्मी ने मेरी पट्टी खोलकर फिर से वही पट्टी बांध दिया उसके बाद हम लोग को पुलिस थाने ले आयी और वहा से हमे यह कहकर घर भेज दिया आप लोग शाम को आइयेगा और जब हम लोग घर आये तो देखे की यहा पर उन लोगो ने मेरे माँ बहन को फिर इतनी बुरी तरह मारा की वह बेहोश हो गयी यह देख घबरा कर मै उन्हें थाने ले गया वहा से उन्हें मेडिकल कराने के लिए भेजा गया लेकिन कोई उपचार न मेडिकल मुआवना नही हुआ मै थक हार के वापस घर चला आया उन आरोपियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नही हुई | जब भी पुलिस के पास जाता हूँ तो वह बहाना बना देती है हम लोगो से ठीक तरह से बात नही करती है | आज भी वह लोग धमकी देते है फिर से मारेंगे देखते है क्या करोगे | दिन रात चिंता लगी रहती है कही जाता हूँ तो घर की चिंता लगी रहती है हमेशा जी घबराता है |डर बना रहता है क्या करू कुछ समझ में नही आ रहा है | जब से यह घटना हुई है पेट भर खाना नसीब नही हुआ है पूरी नीद सो भी नही पाया हूँ |
   मै चाहता हूँ जिन लोगो ने मेरे साथ ऐसा किया है उनके खिलाफ कार्यवाही की जाय और हमे हमारा हक मिले |

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